पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मी महिला

पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मी महिला

पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मी महिला की शारीरिक संरचना

पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मी महिलाओं की लाल सी होती है, खूबसूरत घुंघराले बालों वाली होती है, ऊँची नाक और बहुत मीठा बोलने वाली स्त्रियां होती है। अपनी वाणी से सभी को मंत्रमुग्ध करती है।

पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मी महिला का चरित्र, गुण और सामान्य घटनाएँ

आमतौर पर इस नक्षत्र में जन्मी महिलाएँ शांत और मधुर स्वभाव की होती हैं, लेकिन अपने बहुत बातूनी स्वाभाव और बहस करने की आदत के कारण अक्सर उनका अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों से मतभेद होते रहते हैं। लेकिन ऐसा स्वाभाव होने के बावजूद भी पुनर्वसु नक्षत्र की महिलाएँ दूसरों के प्रति उदार और सम्मानपूर्ण होती हैं। उनके आस पास उनकी देखभाल करने वाले पारिवारिक लोग और नौकर चाकर सदा रहते है , वे एक शानदार, खुशहाल और आरामदायक जीवन जीती है।

रोज़गार, शिक्षा, वित्तीय स्रोत और व्यवसाय

पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मी महिलाएँ गीत संगीत की बहुत शौकीन होती हैं, अक्सर वे इनके बीच में ही रहती है, इन कला के क्षेत्रों में वे आपका करियर बनाती हुई भी देखी जा सकती है और उन्हें प्राकर्तिक रूप से संगीत और नृत्य में निपुणता हासिल रहती है।

पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मी महिला का पारिवारिक जीवन

ऐसी महिला के पति शारीरिक रूप से बहुत सुन्दर और आकर्षक होता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाली स्त्रियों को अपने पति से पूर्ण सुख और उनका सहयोग प्राप्त करती है। अगर पुनर्वसु नक्षत्र में जन्म लेने वाली स्त्री का विवाह हस्त नक्षत्र में जन्मे लड़के से होता है, तो उसे इस नक्षत्र के पति से बहुत इज्जत और सुख की प्राप्ति होती है, वह बहुत सुखी जीवन जीती हुई उत्तम संतान को जन्म देती है और संतान सुख की प्राप्ति करती है।

पुनर्वसु नक्षत्र में जन्म लेने वाली स्त्री का स्वास्थ्य

इस नक्षत्र में जन्म लेने वाली स्त्रियाँ अच्छे स्वास्थ्य का आनंद नहीं ले पाती हैं। इसका मुख्य कारण है अपने स्वास्थ्य के प्रति उनकी लापरवाही।

वे पीलिया, क्षय रोग, गण्डमाला, टी.बी., ट्यूमर, निमोनिया, पेट के रोग आदि रोगों से ग्रस्त रहती हैं। यदि पुनर्वसु नक्षत्र के प्रभाव में किसी स्त्री में प्रथम मासिक धर्म के लक्षण दिखाई दें तो वह धार्मिक स्वभाव की होती है। उसे अच्छा पति, धन और संतान प्राप्त होती है।

पुनर्वसु नक्षत्र की महिलाओं के भाग्यशाली रत्न

पुनर्वसु नक्षत्र की महिलाओं का स्वामी बृहस्पति होते है, पीला पुखराज जो की बृहस्पति ग्रह का रत्न है यह रत्न पुनर्वसु नक्षत्र की महिलाओं के लिए सबसे भाग्यशाली रत्न साबित होता है। पीला पुखराज धारण करने से उनके जीवन में सकारात्मकता आती है और किसी भी प्रकार के बुरे प्रभावों से सुरक्षा प्राप्त होती है। साथ ही पीला पुखराज धारण करने से उनके जीवन में ज्ञान, शिक्षा, समृद्धि, सौभाग्य, आध्यात्मिकता, धन, सफलता, आत्मविश्वास, नेतृत्व गुण, सम्मान, प्रसिद्धि और तरक्की प्राप्त होती है

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