मुंहासे Acne चेहरे के दाग धब्बे, क्या है कारण, लक्षण और निदान

चेहरे पर होने वाली छोटी फुंसियां जो लाल रंग की होती है और कभी कभी इन्हीं फुंसियों में सफ़ेद मवाद भी भरा रहता है, इन्हें ही मुंहासे बोला जाता है, मुंहासे होने के प्रमुख कारण में चेहरे की त्वचा की कोशिकाओं में अत्यधिक तेल होना होता है, जिसकी वजय से इनमें गन्दगी होने लगती है और बैक्टीरिया पनपने लगते है, यही प्रमुख वजय मुहासों के होने की वजय बनती है।

मुंहासे जो छोटी फुंसियां होती है उनमें पूरी तरह से मवाद भरा रहता है, इन्हें हटाने के लिए क्रीम या कभी कभी खाने की दवा का भी इस्तेमाल किया जाता है।

मुंहासे क्‍या है?

मुंहासे (Acne) चेहरे पर होने वाली फुंसियां है, या एक आम त्वचा की समस्या है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, जिन महिलाओं या व्यक्तियों की ऑयली त्वचा होती है उन्हें इस समस्या का अधिक सामना करना पड़ता है,

जब हमारी त्वचा से निकलने वाले ऑयल का उत्पादन और मात्रा बढ़ जाती है, जिसकी वजय से हमारे चेहरे के रोम छिद्र ब्लॉक हो जाते है और इन ब्लॉक्ड रोम छिद्रों में गंदगी और बैक्टीरिया पनपने लगते है और मुंहासे होने शरू होने लगते है,

वैसे तो मुंहासे किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकते है, चाहे वह 15 साल के लड़के लड़कियां हो या 40 से 50 वर्ष की उम्र के व्यक्ति। लेकिन इसकी अधिकता अक्सर युवा लड़के और लड़कियों में अधिक देखने को मिलती है,

मुंहासे चेहरे की त्वचा पर होने वाली फुंसियां है जो छोटी से बड़ी होती है और उनमें मवाद भी भरा रहता है, मुंहासे चेहरे के उन हिस्सों पर अधिक होते है जिस स्थान पर तेल ग्रंथियों की उपस्तिथि अधिक रहती है।

मुंहासों के प्रकार

मुंहासे के 6 प्रकार होते है, जिनका स्वरुप अलग अलग प्रकार का होता है।

  • 1-ब्लैकहेड्स: इस प्रकार के मुंहासे काले धब्बों के रूप में उभरते है।
  • 2-व्हाइटहेड्स: इस प्रकार के मुंहासे सफ़ेद रंग के होते है।
  • 3:- पेपुल्स: इस प्रकार के मुंहासे हल्के गुलाबी रंग से गहरे लाल रंग के होते है।
  • 4-पिंपल्स: इस प्रकार के मुंहासे छोटे छोटे लाल और पिली फुंसियों के रूप में होते है और इनमें मवाद भरी होती है।
  • 5-गांठ (Nodules): इस प्रकार के मुंहासे ठोस और कुछ बड़े आकर के होते है और इनकी जड़े त्वचा की गहराई तक होती है।
  • 6-सिस्टिक एक्ने: इस प्रकार के मुंहासे झुंड़ के रूप में होते है, इनमें काफी मवाद भी होती है और ये काफी गहराई के साथ त्वचा में समाए रहते है, इनके लिए विशेष ट्रीटमेंट की आवश्यकता पड़ती है।

मुंहासे-किशोरावस्था में चेहरे पर मुंहासे व फुंसियों का कारण क्या है

हर लड़की जब किशोरावस्था में पहुँचती है तो उसे अपने चेहरे की चिंता होने लगती है, मुंहासे-किशोरावस्था में चेहरे पर मुंहासे व फुंसियों का कारण क्या है। खासकर तब जब किशोरावस्था में उसे मुंहासों की शिकायत होने लगती है, जबकि यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, हर किशोर लड़कियों के मुहांसे होना एक सामान्य बात है, फिर भी वह चाहती है की वो इस समस्या से बची रहे, हर लड़की की यही चाहत होती है की उसका चेहरा बेदाग रहे और वो खूबसूरत बनी रहे।

लेकिन ऐसा होना संभव नहीं होता, 20 की उम्र के बाद मुंहासो का निकलना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जिससे हर किशोर लड़की को गुजरना ही पड़ता है, यहाँ तक की कभी कभी 30 वर्ष तक की उम्र तक भी मुहांसों की समस्या रह सकती है।

किशोर उम्र में मुंहासे निकलने का मुख्य कारण हार्मोन्स में बदलाव का कारण होता है, जिसे एडल्ट एक्ने बोला जाता है।
जब लड़कियों को मुंहासो की शिकायत होने लगती है तो उन्हें सबसे पहले अपनी खूबसूरती और अच्छे नहीं दिखने की चिंता सताने लगती है, और वो कई तरह के घरेलु उपायों से इन्हें ख़त्म करने की कोशिश में लग जाती है।

बहुत सी लड़कियां तो इतनी परेशान हो जाती है की उन्हें लगने लगता है की हम बदसूरत हो गई है, उनमें आत्मविश्वास तक की कमी होने लगती है, वे कही भी बाहर जाने से कतराने लगती है।
और इसी वजह से वह तरह तरह की घरेलु चीजें इस्तेमाल करके इनसे छुटकारा पाने की कोशिश में लग जाती है, जबकि उन्हें यह समझ जाना चाहिए की ऐसा कुछ भी आजमाने से कोई विशेष लाभ नहीं मिलेगा।

इससे अच्छा तो यह होगा की वो मुंहासे होने कारणों को समझने की कोशिश करें और जो मुंहासो का सही इलाज है उन्हें आजमाने की कोशिश करें।

तो आइये दोस्तों, आज हम इस पोस्ट में इन्हीं मुंहासो की समस्या पर जानकारी देने की कोशिश करेंगे और उम्मीद रहेगी की आपको यह जानकारी अच्छी लगे। 

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मुंहासे क्यों होते हैं?


जब भी किसी महिला या किशोरी के शरीर में हार्मोन्स असंतुलित होते है, तब उस समय मुंहासों की समस्या होती है।

इसके आलावा मुख्य रूप से मुंहासे होने के दो कारण होते है, एक तो त्वचा में बैक्टीरिया का होना और दूसरा मुख्य कारण होता है त्वचा का तैलिये होना,
अगर त्वचा के रोम छिद्र बंद हो जाते है और उनमे गन्दगी भर जाती है तो भी मुंहासों की शिकायत हो जाती है, यहाँ तक की अगर कोई महिला बहुत अधिक तनाव में रहती है तो भी मुंहासों सी समस्या देखने को मिली है। 

मुंहासे के लक्षण


किशोर युवतियों के मुंहासे और महिलाओं को होने वाले मुंहासो में अंतर होता है, यह दोनों मुंहासे दिखने में कुछ अलग अलग होते है,
किशोरियों को निकलने वाले मुंहासे छोटे छोटे और लाल रंग के दानों के रूप में निकलते है, और ये धीरे धीरे बढ़ते है,

जबकि महिलाओं को निकलने वाले मुहांसे गांठ जैसे दिखते है, जो बढ़ने पर किल्ली  का रूप ले लेते है। ये किल्ली  वाले मुंहासे बहुत दिनों तक चेहरे पर बने रहते है, अगर इनमें खुजली होने पर या ऐसे ही इन्हें हटाने के लिए खुजल दिया जाये तो यह दाग छोड़ देते है, जो बहुत लम्बे समय तक भी नहीं मिटते।

मुंहासे के कारण


सभी युवतियों और महिलाओं को कील मुंहासे होने के अपने अलग अलग कारण रहते है, सबकी त्वचा अलग अलग प्रकार की होती है, और सबकी शारीरिक क्षमताएं भी अलग अलग रहती है,
यही वजय है की हर महिला के मुंहासे होने की अलग अलग वजय हो सकती है।

हमारे चेहरे की त्वचा पर छोटे-छोटे छिद्र होते है जिन्हें हेयर फॉलिकल्स या रोम कहा जाता है, जब इन हेयर फॉलिकल्स या रोम में गन्दगी भर जाती है, तब मुंहासे होने शुरू हो जाते है।

आजकल कील मुंहासे होने की बड़ी वजय प्रदूषण और धूल मिट्टी भी है, जिसकी वजय से हमारे चेहरे पर गन्दगी की परत जम जाती है और मुंहासे होने लगते है, इसलिए बाहर निकलने पर या तो चेहरा ढक कर जाना चाहिए या फिर बाहर से आने पर अपने चेहरे को किसी अच्छी क्लीन्सिंग क्रीम से साफ करना चाहिए।

अगर आप अधिक चाय या कॉफी का सेवन करते है तो यह भी मुंहासे होने का कारण होते है।

ऐसे बहुत से कारण है जो कील मुंहासे होने की वजय बनते है, इसलिए सबसे पहले तो आपको यह जानने की आवश्यकता है की ऐसी कौन सी वजय है जिसके कारण आपको मुंहासो की शिकायत हो रही है। 

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आइये, जानते है ऐसे ही कुछ प्रमुख कारण जो कील मुंहासे  निकलने की वजय बनते है –

1- हार्मोनल परिवर्तन –


महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन कई तरह से होते है जैसे की माहवारी शुरू होने पर या माहवारी होने के दौरान, गर्भ धारण करने पर, बच्चें के जन्म के बाद, स्तनपान के समय, ये कुछ ऐसे कारण है जब महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन बड़ी तेजी से होते है, अब जब हम बात कर रहे है कील मुंहासो की तो महिलाओं में यही सबसे बड़े कारण होते है मुंहासे निकलने के।

हार्मोनल परिवर्तन  होने पर चेहरे की त्वचा का पीएच संतुलन डिस्टर्ब हो जाता है, जिससे की महिलाओं की त्वचा अधिक तैलिये हो जाती है जिसके कारण कील मुंहासे निकलने शुरू हो जाते है।  
इस परिस्थिति में कोई भी नुस्खा काम नहीं करता, इसलिए अगर आप कील मुंहासे से ज्यादा ही परेशान है तो आपको किसी अच्छे डर्मेटोलॉजिस्ट के पास जाना चाहिए। 

 2- पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम – 

यह भी एक हार्मोनल डिस्टर्बेंस की ही बीमारी है, यह हार्मोनल डिस्टर्बेंस कई कारणों की वजय से हो सकता है, जैसे की लापरवाह जीवन शैली, महिलाओं का अनियमित पीरियड्स का शिकार रहना, या हमेशा पीरियड्स के समय दर्द रहना,

आज के समय में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की समस्या आम हो चुकी है, अधिकांश महिलाएं इस समस्या से पीड़ित है,
वैसे तो अभी तक इस बीमारी के मुख्य कारणों का पता नहीं लगा है, लेकिन अभी इसका मुख्य कारण हार्मोनल डिस्टर्बेंस ही है, इसके आलावा महिलाओं में “एण्ड्रोजन” नामक पुरुष हार्मोन का बढ़ना भी माना जाता है,

जब महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के कारण हार्मोनल डिस्टर्बेंस होता है तब चेहरे की त्वचा तेल का उत्पादन अधिक मात्रा में करना शुरू कर देती है, और कील मुंहासे निकलने शुरू हो जाते है। 

 3- प्रदूषण –

आज के समय में प्रदूषण बहुत सी बीमारियों का कारण बना हुआ है, प्रदूषण से हर
शहर परेशान है, ट्रैफिक का प्रदूषण, फक्ट्रियों का प्रदूषण, आदि से पुरे वायुमंडल में केमिकल और भी बहुत तरह के हानिकारक तत्व फैले रहते है, जो सीधे हमारे चेहरे की त्वचा पर असर करते है,
जिसके कारण हमारी त्वचा पर बहुत से संक्रमण हो जाते है, दाद-खाज, खुजली हो जाती है और कील मुंहासे निकलने शुरू हो जाते है।

इसलिए कोशिश करे की बाहर निकलते समय या तो अपना चेहरा ढक कर रखें या फिर किसी
अच्छी कंपनी की क्रीम लगाकर निकले जो की आपको सूर्य की हानिकारक किरणों और वातावरण के प्रदूषण से पूर्ण बचाव प्रदान करें,

घर पहुंचकर सबसे पहले अपने चेहरे को अच्छी तरह से धोये, क्लींजिंग करे।

ऐसी महिलाएं जिनकी त्वचा संवेदनशील या तैलिये है उन्हें तो प्रदूषण से अपनी
त्वचा को विशेष रूप से बचा कर रखना चाहिए,

इन महिलाओं की त्वचा प्रदूषण से बहुत अधिक प्रभाव में आती है और कील मुंहासो की शिकायत रहती है। 

 4- त्वचा के रोमछिद्रों का बंद होना –

हमारे चेहरे के रोमछिद्र हमारी सुंदरता में बहुत बड़ी भूमिका निभाते है, इन्हीं
रोमछिद्रों के जरिये ऑक्सीजन हमारी त्वचा के अंदर पहुँचती है और हमारी
त्वचा स्वस्थ रहती है,

लेकिन जब वातावरण और गन्दगी से हमारे यही रोमछिद्र बंद हो जाते है तो हमारी त्वचा पर बैक्टीरिया का पनपना शुरू हो जाता है, और इसी गन्दगी और बैक्टीरिया से हमारी त्वचा में संक्रमण होना शुरू हो जाता है जो की हमारी त्वचा को ख़राब, काली, बेजान, दागधब्बे, झुर्रीदार और कील मुंहासे की समस्या देना शुरू कर देते है।

खूबसूरत चेहरे के लिए रोमछिद्रों की नियमित साफ सफाई बहुत जरुरी होती है, इसलिए हफ्ते में एक बार अपने चेहरे को स्क्रब करें। 

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5- तनाव


शारीरिक हार्मोन्स के बिगड़ने के कई कारण हो सकते है, उसमे एक कारण तनाव भी है, अगर कोई महिला बहुत थकी हुई है, भागदौड़-कामकाज, घरेलु परेशानियों को लेकर बहुत तनाव में है, तब ऐसे में शरीर में “कोर्टिसोल” नामक एक हार्मोन अधिक मात्रा में बढ़ने लगता है और इस हार्मोन के बढ़ने से कील मुंहासे निकलने शुरू हो जाते है,

महिलाओं में यह भी एक मुख्य कारण होता है कील मुंहासे होने का, इससे बचने के लिए अपने आप को अधिक ऐसे अधिक तनाव से दूर रखें, खुश रहे और मैडिटेशन करे। 

 6- स्मोकिंग –


अधिक सोमकिंग भी कील मुंहासो के निकलने का बहुत बड़ा कारण बनता है, हालंकि  ऐसा सुनाने में यकीन नहीं होता, लेकिन या बात एकदम सही है और इसपर एक रिसर्च भी हो चुकी है की स्मोकिंग भी एक बड़ा कारण होता है कील मुंहासो के निकलने का,
इसलिए अगर आप स्मोकिंग करते है और कील मुंहासो से परेशान है तो स्मोकिंग को कम करे।

7- खानपान –


हमें खूब जंक फूड, फ़ास्ट फ़ूड, जयेकेदार, मसालेदार, तला भुना खाने का शौक रहता है, जो की हमारे शरीर में गर्मी को बढ़ाते है और नतीजा होता है चेहरे पर कील मुंहासो का निकलना,
इसलिए अगर आप एक खूबसूरत और चिकना चेहरा चाहती है तो इन सब चीजों से थोड़ा परहेज करना पड़ेगा,और अपनी दिनचर्या में पौष्टिक डाइट, फलों और हरी सब्जियों को शामिल करना होगा। 

8- ब्यूटी प्रोडक्ट्स –


अपने चेहरे को हर महिला खूबसूरत रखना चाहती है और इसके लिए वह ब्यूटी प्रोडक्ट्स का भी इस्तेमाल करती है, किसी के कहने सुनने से वह कोई भी ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना शुरू कर देती है जो ठीक नहीं होता है,
हर महिला की त्वचा अलग अलग प्रकार की रहती है, इसलिए सबसे पहले तो आपको अपनी त्वचा के अनुसार ही ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिए, नहीं तो आपकी त्वचा पर कील मुंहासे निकलना शुरू हो जायेंगे।

हल्की कंपनी के ब्यूटी प्रोडक्ट्स, अधिक केमिकल्स के ब्यूटी प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से भी आपकी त्वचा ख़राब हो सकती है और कील मुंहासो से भर सकती है, इसलिए यह बहुत जरुरी हो जाता है की आप अपनी स्किन के अनुसार ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करे और केवल अच्छी कंपनी के ही ब्यूटी प्रोडक्ट्स को अपनाए। 

मुंहासो से बचाव

वैसे तो प्राकृतिक शारीरिक बदलाव और हार्मोनल परिवर्तन को रोका नहीं जा सकता, लेकिन फिर भी कुछ बातों का ध्यान रखते हुए जरूर मुंहासो में कमी लाई जा सकती है:-

1. स्किन केयर रूटीन को फॉलो करें।
2. हमेशा अच्छे ब्रांडेड हर्बल ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।
3. हमेशा केमिकल फ्री ब्यूटी प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें।
4. नियमित किसी अच्छे मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें।
5. अपने चेहरे को कुनकुने पानी से साफ रखें और फेस क्लींजर का इस्तेमाल करें।
6. बार बार अपने चेहरे पर हाथ न लगाए।
7. मेकअप करने के बाद उसे सोने से पहले क्लीन्ज़र के साफ करने के बाद मॉइस्चराइजर क्रीम लगाए।
8. अपने चेहरे को अधिक स्क्रब करने से बचें।
9. मुंहासो को कभी भी दबा कर फोड़ने की कोशिश ना करें।
10. मुंहासो पर दवा लगाने के बाद धूप में ना निकलें।

मुहांसों को कैसे कम करें?

  • मुंहासे होने पर चर्म रोग विशेषज्ञ की सलाह लें।
  • खूब पानी पिए और तेल युक्त भोजन और अत्यधिक मसालों वाले भोजन से दूर रहे।
  • अच्छे, ब्रांडेड और केमिकल रहित ब्यूटी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।
  • अपने मेकअप ब्रश की साफ सफाई रखें, क्योंकि इसमें बैक्टीरिया पनप सकते है।
  • चेहरे को धोने के लिए अच्छे हर्बल या मैडीकेटेड साबुन का ही इस्तेमाल करें।
  • बालों में रुसी होना भी मुंहासो का कारण बनता है, रुसी ना होने दें।
  • मुंहासो को छीलना या फोड़ना मुंहासे फैलने का कारण बनता है और दाग भी पड़ते है।
  • अधिक नमक का सेवन भी मुहांसों का कारण हो सकता है, अधिक नमक से बचें।
  • अपने भोजन में अधिक हरी सब्जियों का सेवन करें, मुहांसों सेराहत मिलेगी।
  • अपने भोजन में रोज कच्चे सालद का उपयोग करें।
  • अधिक चीनी, चाय, कॉफ़ी पेट की तकलीफ बढ़ाते है जो कील-मुहांसों का कारण बनते है।
  • नित्य व्यायाम की आदत बनाये और सुबह स्वच्छ वातावरण में घूमें।
  • तनाव से दूर रहे और भरपूर नींद ले।
  • अगर मुहांसों अधिक है या गंभीर रूप ले रहे है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

कुछ घरेलू उपचार

1. कच्चे दूध में कुछ बूंदे निम्बू की मिलाकर चेहरे को साफ करने से चेहरे के रोम छिद्रों से गंदगी साफ होती है, जो मुंहासों को पनपने से रोकने में सहायक होता है।

2. निम्बू और टमाटर के गूदे को मिलाकर चेहरे पर लगाए और सूखने के बाद धो ले, यह आपके चेहरे की साफ सफाई रखने के साथ साथ मुंहासों के लिए भी लाभकारी होगा।

3. चन्दन पाउडर में गुलाब जल मिलाकर उसका पेस्ट चेहरे पर लगाने से चेहरे की साफ सफाई होती है और त्वचा मुलायम, चमकदार और मुंहासों से राहत मिलती है।

4. मसूर दाल को भिगोकर इसका पेस्ट बना ले, इसमें एक चुटकी हल्दी और १ चम्मच निम्बू का रास मिलाकर उबटन बना लें, अपने चेहरे पर लगाए और सूखने पर कुनकुने पानी से साफ कर लें, ऐसा हफ्ते में दो बार करें, बहुत लाभ मिलेगा।

5. नीम के पत्तों को थोड़ा पानी मिलाकर पीस का पेस्ट बना ले, अब इसे अपने चेहरे पर लगाए, कील-मुंहासों के लिए बहुत लाभदायक होता है।

6. हल्दी, शहद,दही और गुलाबजल मिलाकर लगाने से बहुत लाभ मिलता है।

मुहांसों को दूर करना –


अधिकांश महिलाएं और लड़कियां मुंहासो से छुटकारा पाने के लिए तरह तरह के उपाय अपनाती है, अच्छा यही होगा की आप अच्छे घरेलु उपाय आजमाए या फिर अपने चेहरे और मुंहासो के लिए किसी अच्छी क्रीम को इस्तेमाल करे,

अगर फिर भी आपको मुंहासो से छुटकारा नहीं मिलता है और वे बहुत अधिक बढ़ते रहते है तो सबसे अच्छा तो यही होगा की आप किसी अच्छे डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाए।  

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